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मनातू प्रखंड में नियमों के उल्लंघन का दावा, ग्रामीणों ने उपायुक्त से जांच कर चयन रद्द करने की मांग की

पलामू /  मिथिलेश यादव: पलामू जिले के मनातू प्रखंड अंतर्गत मझौली पंचायत के ग्राम जसपुर में आंगनबाड़ी सेविका चयन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी ग्राम सभा की अनदेखी करते हुए गुरुवार को सेविका का चयन कर लिया गया।  ग्रामीणों के अनुसार सरकार का निर्देश है कि किसी भी प्रकार के चयन या निर्णय में ग्राम सभा सर्वोपरि होती है, लेकिन इस मामले में ग्राम सभा को पूरी तरह दरकिनार कर सेविका की गलत तरीके से चयन किया गया जो पोषक क्षेत्र से आने वाले  ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है ।

ग्रामीणों का कहना है कि मनातू प्रखंड की बाल विकास परियोजना कार्यालय की सुपरवाइजर लीलावती कुमारी और मझौली पंचायत के मुखिया द्वारा गांव के लोगों को बिना सूचना दिए सेविका का चयन कर लिया गया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि जहां केवल सेंटर संख्या-1 के लिए सेविका का चयन होना था, वहां नियमों के विरुद्ध दो केंद्रों के लिए चयन कर लिया गया, जिससे गांव के लोगों में असंतोष और नाराजगी है।

इस मामले को लेकर कई ग्रामीणों ने खुलकर विरोध जताते हुए  चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 
आरोप लगाने वाले ग्रामीणों में आवेदिका संध्या कुमारी, बेबी देवी, विजय सिंह, महेंद्र सिंह, कोशिला देवी, पूरन सिंह, इंद्रदेव यादव, मखोला देवी, राजेश सिंह, सरवन यादव, शिक्षक सोनी देवी, प्रियंका देवी, रेखा देवी, पवन यादव, नरेश सिंह, सुनीता देवी, शंकर सिंह, सुरेंद्र यादव, अनीता देवी, कालो कुंवर और संजय सिंह सहित कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

वहीं इस मामले को लेकर पांकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुशवाहा शशि भूषण मेहता के प्रतिनिधि मनातू  उदेश यादव से जब बात की गई तो उन्होंने भी इस पूरे मामले में गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि सेविका चयन जैसी प्रक्रिया में प्रखंड के जनप्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्य, सांसद प्रतिनिधि, अंचलाधिकारी तथा ग्राम सभा के लोगों की उपस्थिति आवश्यक होती है। लेकिन ग्राम जसपुर में हुए चयन में इनमें से कोई भी जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं अपस्थित हुऎ जो कहीं न कहीं प्रखंड की सुपरवाइजर की लापरवाही को दर्शाता है।

मझौली पंचायत मुखिया पति उमेश प्रसाद साहू से संपर्क की गई तो उन्होंने बताया कि चुनाव निष्पक्ष हुआ है कहीं कोई दिक्कत नहीं है ग्राम सभा में सूचना देना सेविका के काम था दिया कि नहीं दिया सेविका जवाब देगी प्रतिनिधि लोग लोगों को सूचना देना सुपरवाइजर के काम हैं मुझे कोई पता नहीं है

ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पलामू की उपायुक्त समीरा एस से अपील करते हुए कहा है कि इस चयन प्रक्रिया की जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाए तो चयन को रद्द करते हुए नियमों के तहत दोबारा ग्राम सभा की उपस्थिति में सेविका का चयन कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच और पारदर्शी प्रक्रिया से ही गांव के लोगों का भरोसा कायम रहे।

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