रफ्तार मीडिया संवाददाता/मिहिजाम
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर शनिवार को मिहिजाम शहर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के बनारस काशी स्थित गुरु रविदास जी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र रज मिट्टी से भरा कलश झारखंड प्रदेश की राजधानी रांची होते हुए मिहिजाम पहुंचा, जहां उसका भव्य और गरिमामय स्वागत किया गया। इस पावन अवसर पर श्री गुरु रविदास सेवा समिति, मिहिजाम, चित्तरंजन पोखरतला, गांधीनगर के तत्वावधान में एक विशाल एवं भव्य कलश वंदन यात्रा का आयोजन किया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, धार्मिक जयकारों और भक्ति गीतों के बीच यह शोभायात्रा मिहिजाम बाजार के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा में बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और स्थानीय श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर शामिल हुए। पूरे नगर का भ्रमण करने के पश्चात यात्रा पुनः गुरु रविदास मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई, जहां धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान जामताड़ा जिले के सभी 16 मंडलों के प्रतिनिधियों को पवित्र रज कलश सौंपा गया, ताकि इसे जन-जन तक पहुंचाया जा सके। इस भव्य कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल, सेवायत लक्ष्मी दास, राजकुमार दास, घनश्याम दास, संयोजक अभय सिंह, नगर अध्यक्ष लोकेश महतो, सह संयोजक प्रकाश रजक, संजू देवी, बाबूराम, पप्पू दास और जय कुमार दास समेत सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं मंडल पदाधिकारी उपस्थित रहे।