जम्मू-कश्मीर के उरी क्षेत्र में हाईवे पर अचानक पहाड़ों से पत्थर और चट्टानें गिरने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना उस वक्त हुई जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। अचानक ऊपर से पत्थर गिरने लगे, जिसे देखकर लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए अपनी गाड़ियों से उतरकर इधर-उधर भागने लगे। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचने की सूचना जरूर सामने आई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय हाईवे पर कई निजी वाहन, टैक्सी और मालवाहक ट्रक मौजूद थे। अचानक पहाड़ी से तेज आवाज के साथ पत्थर गिरने लगे, जिससे लोगों को लगा कि बड़ा भूस्खलन हो सकता है। कुछ ही पलों में सड़क पर चीख-पुकार मच गई। कई ड्राइवरों ने तुरंत गाड़ी रोक दी और यात्री सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। कुछ लोग पास की चट्टानों और ढलानों के पीछे छिपते भी नजर आए।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, तुरंत मौके पर टीमें भेजी गईं। सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे के उस हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया। प्रशासन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पहाड़ी से पत्थर खिसकने (रॉक फॉल) का लग रहा है, जो अक्सर बारिश, बर्फ पिघलने या कमजोर चट्टानों के कारण होता है। हालांकि घटना के समय मौसम साफ बताया जा रहा है, लेकिन पहाड़ों में तापमान में उतार-चढ़ाव भी ऐसी घटनाओं की वजह बन सकता है।

सीमा सड़क संगठन (BRO) और अन्य एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है। जेसीबी और भारी मशीनों की मदद से सड़क पर गिरे पत्थरों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया, ताकि यातायात जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि आगे किसी बड़े भूस्खलन की आशंका को टाला जा सके।

उरी क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों की आवाजाही होती है। ऐसे में हाईवे पर इस तरह की घटनाएं सुरक्षा और यातायात दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन जाती हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि पहाड़ी इलाकों में सफर करते समय सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करें।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उरी और आसपास के इलाकों में यह समस्या नई नहीं है। खासकर सर्दियों और बारिश के मौसम में अक्सर सड़क पर पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उन्होंने मांग की है कि संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षात्मक जाल (रॉक फॉल बैरियर) और चेतावनी सिस्टम लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

कुल मिलाकर, कश्मीर के उरी में हाईवे पर हुई यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना भविष्य में मजबूत सुरक्षा इंतजामों की जरूरत की ओर भी इशारा करती है।