मोतिहारी। उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026, स्वच्छ बिहार अभियान एवं आवास योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में निदेशक डीआरडीए डॉ. कुंदन कुमार, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी तथा लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की टीम के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों एवं प्रखंड समन्वयकों को स्वच्छता से संबंधित निर्धारित मानकों की गहन समीक्षा करने तथा जमीनी स्तर पर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसके परिणाम गांवों और पंचायतों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए।
डॉ. प्रदीप कुमार ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड क्षेत्र में संचालित सभी आधार केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें तथा उससे संबंधित मासिक प्रतिवेदन प्रत्येक माह की दूसरी तारीख तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
बैठक के दौरान कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी मोतिहारी एवं रक्सौल डिवीजन को सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना की समीक्षा करने तथा सभी क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से लागू नई ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली (SWM Rules-2026) के तहत अब कचरा प्रबंधन केवल सफाई का विषय नहीं, बल्कि पंचायतों की कानूनी जिम्मेदारी बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत को अपने क्षेत्र को "जीरो वेस्ट" अर्थात कचरा मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में कार्य करना होगा और इसमें पंचायत प्रतिनिधियों, विशेषकर मुखिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। इसी क्रम में 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले की सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित करने का निर्देश दिया गया, जिसमें कचरा प्रबंधन, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में स्वच्छ बिहार अभियान, आवास योजना एवं अन्य विकासात्मक कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।