बेंगलुरु पुलिस ने 7.11 करोड़ रुपये की सनसनीखेज ATM कैश वैन डकैती को सिर्फ कुछ ही दिनों में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस डकैती में कैश वैन का इंचार्ज, CMS कंपनी का पूर्व कर्मचारी, और एक पुलिस कांस्टेबल शामिल थे। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों से 5.76 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। शेष रकम की तलाश जारी है।

कैसे सुलझा बड़ा केस?

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए:

11 स्पेशल टीमें गठित की गईं

200 पुलिसकर्मी जांच में लगाए गए

30 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई

दक्षिण भारत के सभी राज्यों और गोवा में टीमें भेजी गईं

पुलिस की तेज और रणनीतिक कार्रवाई के बाद तीनों मुख्य आरोपी पकड़े गए।

किसने की थी डकैती?

जांच में सामने आया कि डकैती किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि सिस्टम के अंदर मौजूद लोगों ने की:

1. कैश वैन का इंचार्ज

– जो रूट, समय और पैटर्न को सबसे अच्छी तरह जानता था।

2. CMS Info System का पूर्व कर्मचारी

– जिसने अंदरूनी कमजोरियों और प्रक्रिया का फायदा उठाया।

3. गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस कांस्टेबल

– जिसने सरकारी पहचान और पुलिस सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया।

तीन महीने पहले रची थी साजिश

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने 3 महीने पहले ही लूट की प्लानिंग शुरू कर दी थी।उन्होंने:कैश वैन के रूट का सर्वे किया. ऐसे रास्ते चुने जहां CCTV कैमरे कम हों. टीम बनाई और मौके का इंतजार किया

19 नवंबर की रात क्या हुआ?

आरोपी भारत सरकार का स्टिकर लगी कार में आए. खुद को RBI अधिकारी बताकर ATM कैश वैन रोकी. कहा कि “डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन” करना है. स्टाफ को अपनी कार में जबरन बिठाया. और 7.11 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए. यह वैन JP नगर स्थित एक बैंक शाखा से कैश लेकर लौट रही थी।