logo

आपत्तिजनक भाषा करार देकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने सर्वदलीय बैठक बीच में छोड़ी, जयराम ठाकुर बोले - पोल्टिकल कंजम्पशन के लिए बनाई जा रही है योजनाए , डा. राजीव बिंदल ने कहा - केंद्र को बदनाम कर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कांग्रेस सरकार

 

शिमला। आरडीजी की पुनर्बहाली हेतु हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित सर्वदलिय बैठक के दौरान बीजेपी प्रतिनिधीमण्डल ने चर्चा को बीच मे ही छोड दिया और बैठक का बहिष्कार कर दिया। बीजेपी प्रतिनिधीमण्डल ने आरोप लगाया कि कुछ वक्ताओं द्वारा केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के संदर्भ में अनुचित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है।

नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वित विभाग की ओर से पेश किए गए प्रस्तुतिकरण मे बहुत खामिया है। मुख्यमंत्री ने शुरु से ही राजनैतिक तौर पर सौहार्दपूर्ण वातावरण नही रखा। प्रदेश सभी राजनैतिक दलो का है। आरडीजी पर हिमाचल हित पर सरकार का रुख जानने के लिए बैठक मे शामिल हुए, लेकिन केंद्र के खिलाफ टिका टिपणी तक ही यह बैठक सिमित रही। उन्होने कहा कि बीजेपी का मत स्पष्ट है कि हिप्र मे 11वे वित आयोग से ही लगातार आरजीडी बंद किए जाने बाबत कहा जाता रहा है। केंद्र मे कांग्रेस की मनमोहन सरकार के अंतर्गत 13 वित आयोग की बैठक के बाद हिमाचल को आरडी 7800 प्रदान की गई थी, लेकिन ऐसे आरोप प्रत्यारोप नही लगाए गए, बल्की हिमाचल कुशल प्रबंधन मे आगे बढा। 15वे वित आयोग मे हिमाचल की बीजेपी सरकार मे वित आयोग ने आरडीजी बाबत साफ इंकार किया, लेकिन कोविड के तत्कालिन दौर मे मदद की गुहार लगाई गई, और तथ्यात्मक तर्क के मद्देनजर हिमाचल को 37 हजार 200 करोड मिला, जो देश मे अन्य राज्यो की तुलना मे अधिक था। हिमाचल सरकार की ओर से एक बार मे ही इस अनुदान को बंद न करने के लिए पक्ष रखा गया था। और ऐसे मे केंद्र सरकार ने टेपर डाउन करते हुए धीरे धीरे सालाना इस अनुदान राशी को कम किया गया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कुल मिलाकर आरडीजी बंद करने की दिशा मे केंद्र सरकार ने संकेत दे दिए थे। उन्होने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश के अधिकारियो को मालूम नही था, कि आरडीजी टेपर डाउन के बाद बंद कर दी जाएगी। लेकिन सरकार बनने के बाद से ही आज तक बीजेपी द्धारा खोले गए 2000 विकासात्मक संस्थान बंद कर दिए गए है। हिमाचल प्रदेश मे बीजेपी सरकार के शासन मे चलाई गई योजनाओ को बंद करते हुए कांग्रेस सरकार अपनी ही योजनाओ का ध्रूवीकरण कर रही है। उन्होने कहा कि कुल मिलाकरण पोल्टिकल कंजम्पशन के लिए योजनाए बनाई जा रही है। सिर्फ भाजपा के सिर पर ठीकरा फोडने का रास्ता निकाला जा रहा है। बीजेपी ने अपना पक्ष रखा है। तथ्यात्मक पक्ष पर सवाल उठाते हुए उन्होने कहा कि अधिकारी अपना पक्ष रख रहे है और सरकार उनके ही पक्ष मे समर्थन कर रही है। प्लानिंग के बाद जो बैठक रखी गई थी उसमे भी कई खामिया पेश आई थी।

बीजेपी राज्य अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि बीजेपी राष्ट्रहित सर्वोपरी के साथ प्रदेश हित मे है, लेकिन कांग्रेस सरकार केवल अपनी नाकामियो काठीकरा बीजेपी पर फोडना चाहती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022–23 में लगभग ₹50,000 करोड़, वर्ष 2023–24 में लगभग ₹43,000 करोड़ तथा वर्ष 2024–25/2025–26 में लगभग ₹35,000 करोड़ से अधिक राशि अलग-अलग केंद्रीय योजनाओं, टैक्स डिवोल्यूशन, केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं, विश्व बैंक, नाबार्ड, पीएमजीएसवाई और अन्य अवसंरचना मदों के माध्यम से प्रदेश को प्राप्त हुई। केवल नेशनल हाईवे क्षेत्र में ही हिमाचल प्रदेश में लगभग ₹44,000 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जो पूर्व कांग्रेस काल की तुलना में कई गुना अधिक है।

डा. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार केंद्र को बदनाम कर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होने कहा कि वह प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए हर रचनात्मक चर्चा में भाग लेने को तैयार है, परंतु एकतरफा दोषारोपण, भ्रामक प्रस्तुति और राजनीतिक नैरेटिव गढ़कर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाना समाधान नहीं है। उन्होने कहा कि प्रदेश हित से जुड़े हर विषय पर भाजपा मजबूती से अपनी बात रखती रहेगी और जनहित के मुद्दों को उठाती रहेगी।

Raftaar Media | सच के साथ
TAGS
RELATED POSTS