फतह सिंह उजाला
पटौदी। भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार ! यह मुद्दा और मामला पटौदी जाटोली मंडी परिषद की पिछली बैठकों के दौरान सबसे अधिक हाउस में गूंजता रहा। इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए विधायक विमला चौधरी के कार्यालय में भी भ्रष्टाचार का यह भूत बेकाबू दिखाई दिया। सबसे अहम महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी पटौदी जाटोली मंडी परिषद सीमा क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है। इनमें से एक सड़क पुराना हेली मंडी पालिका क्षेत्र से लेकर गांव रामपुर तक बनाई जानी है। दूसरी सड़क पुराना हेली मंडी क्षेत्र से ही गांव मिर्जापुर तक बनाया जाना प्रस्तावित है। खास बात यह है कि रामपुर और पुराना हेली मडी तक पालिका क्षेत्र तक प्रस्तावित सड़क एक सिरा गांव रामपुर, पटौदी जटोली मंडी परिषद के वाइस चेयरमैन अमित शर्मा का पैतृक आवास और गांव भी है। इसी गांव में ही परिषद की महिला चुनी हुई पार्षद का भी पैतृक आवास है।

रामपुर और पुराना हेली मंडी क्षेत्र के बीच सड़क मार्ग सही मायने में परिषद के वार्ड नंबर 5, वार्ड नंबर 6, वार्ड नंबर 7, वार्ड नंबर 8, वार्ड नंबर 4 का सीधा संपर्क मार्ग है । सीधे सरल शब्दों में परिषद के पांच पार्षदों की हिस्सेदारी या फिर प्रतिष्ठा रूप में भी इस सड़क को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। इन दोनों सड़कों को बनाने की मंजूरी प्रदान किया जाने के वास्ते विधायक विमला चौधरी के द्वारा 31 मार्च को डिमांड लेटर मुख्यमंत्री को सौप जा चुका है। सड़कों के बनाने की मंजूरी के साथ इनके निर्माण का खर्च देने का भी अनुरोध किया गया। आखिर करीब 2 महीने बाद ऐसा क्या हुआ कि इन दोनों सड़कों के निर्माण की आधिकारिक औपचारिकता पूरी किया जाने के लिए पटौदी जाटोली मंडी परिषद कि संबंधित कमेटी की बैठक में मंजूरी अनिवार्य बताई गई। कथित रूप से यहां भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा हावी रही और फाइल टेबल से आगे नहीं बढ़ सकी। यहां भी लोगों ने सवाल उठाया की हरियाणा में मुख्यमंत्री की कलम की ताकत ज्यादा है या फिर विधायक की बातों को बेहद हल्के में लिया जा रहा है?

विधायक विमला चौधरी के दावे के मुताबिक बुलाई गई बैठक का समय एक पखवाड़े से अधिक का निकल चुका है। लेकिन हैरानी इस बात को लेकर है कि इस बैठक का शुभ मुहूर्त न तो निकल पा रहा है या फिर गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं । जिस प्रकार से परिषद के हाउस और परिषद के बाहर बार-बार भ्रष्टाचार ,भ्रष्टाचार ,भ्रष्टाचार का मुद्दा उछाला जा रहा है। उसे देखते हुए कहीं ना कहीं देश और दुनिया में सबसे अधिक ईमानदार कही जाने वाली पार्टी भाजपा और भाजपा सरकार की छवि पर भी भाजपा पार्टी के ही चुने हुए जनप्रतिनिधियों के द्वारा कथित रूप से प्रश्न  चिन्ह लगाया जा रहा है । मौजूदा हालात को देखते हुए निकट भविष्य में न तो परिषद की बैठक होने के कोई संकेत दिखाई दे रहे हैं और रामपुर से हेली मंडी और हेली मंडी से मिर्जापुर सड़क निर्माण की औपचारिकता पूरी होती दिखाई दे रही है।

इसके विपरीत मानसून बिना बुलाए मेहमान की तरह पहुंच कर गर्मी से राहत देने के साथ ही सड़कों पर बने खतरनाक खड्डा को और भी खतरनाक बनाता हुआ दिखाई दे रहा है । हेली मंडी से रामपुर सड़क मार्ग एक प्रकार से पटौदी क्षेत्र का मिनी बायपास कहा जा सकता है। इस सड़क मार्ग से पटौदी क्षेत्र के लगभग 20 गांव आपस में जुड़े हुए हैं। दूसरी तरफ रेवाड़ी और झज्जर जिला के बहुत सारे गांव के दैनिक यात्री भी गुरुग्राम की तरफ आवागमन के लिए इसी सड़क मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी प्रकार से हेली मंडी से मिर्जापुर के बीच भी सड़क मार्ग की अपनी ही उपयोगिता और महत्व बना हुआ है। आम लोगों में जिज्ञासा यही है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की विश्वासपात्र विधायक विमला चौधरी और भाजपा कैडर के ही चेयरमैन और वाइस चेयरमैन सड़क निर्माण के मुद्दे पर कब तक जनहित में एकमत फैसला लेकर आम जनता को राहत प्रदान करेंगे।