सौरभ राय/रफ्तार मीडिया
रांची: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी रांची स्थित इक्फाई विश्वविद्यालय, झारखंड ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "ग्रीन कैंपस, ग्रीन कम्युनिटी" अभियान की शुरुआत की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति  2020 के अंतर्गत पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह अभियान छात्रों, शिक्षकों और समाज के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

*विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का आयोजन*
विश्वविद्यालय ने इस कार्यक्रम को विश्व पर्यावरण दिवस 2026, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान 2026-27 तथा एनईपी 2020 के "स्थिरता एवं पर्यावरणीय पहल" विषय के साथ जोड़ते हुए आयोजित किया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल (डॉ.) रणजीत सिंह एवं रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) जे. बी. पटनायक के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर  हेमलता सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।अभियान का नेतृत्व विश्वविद्यालय की एनईपी समन्वयक डॉ. प्रथा चतुर्वेदी ने किया, जबकि प्रो. अमित चतुर्वेदी एवं प्रो. दिव्या उत्कर्ष दुबे ने इसके सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 100 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

*50 पौधों का रोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प*
"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर में 50 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पौधारोपण कार्यक्रम में फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधों को प्राथमिकता दी गई, ताकि परिसर की हरियाली बढ़ने के साथ ही साथ जैव विविधता को भी प्रोत्साहन मिल सके।

*सिमरिया गांव में चलाया स्वच्छता और जागरूकता अभियान*
विश्वविद्यालय का यह अभियान केवल परिसर तक सीमित नहीं रहा। इसके अंतर्गत समीपवर्ती सिमरिया गांव में भी स्वच्छता एवं हरित समुदाय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्र स्वयंसेवकों, शिक्षकों और कर्मचारियों की टीम ने गांव में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को साफ सफाई के महत्व से अवगत कराया।इस दौरान ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभाव तथा सतत जीवनशैली अपनाने के संबंध में जागरूक किया गया। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों से एकल उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग को कम करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।

*एनईपी 2020 के उद्देश्यों को साकार करने की पहल*
विश्वविद्यालय प्रशासन के ओर से कहा गया कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उन प्रमुख उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिनमें पर्यावरणीय चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना शामिल है। विश्वविद्यालय का मानना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल शैक्षणिक विकास तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छ और हरित भविष्य का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।कार्यक्रम का समापन स्वच्छ, हरित और सतत भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।