दीपचंद्र दीक्षित संवाददाता

फर्रुखाबाद। प्रदेश सरकार की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की मुहिम के तहत भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार को प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कमालगंज क्षेत्र स्थित मधुवन रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री Jaiveer Singh ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों को आमंत्रित किया गया और उन्हें प्राकृतिक खेती की उपयोगिता एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयवीर सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जबकि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होने के साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो किसानों को आर्थिक लाभ देने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होगी।

कार्यशाला के दौरान कृषि विभाग द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी में कृषि यंत्रों, जैविक उत्पादों, प्राकृतिक खेती की तकनीकों और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी किसानों को दी गई। कृषि विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के संबंध में भी सुझाव दिए।

इस अवसर पर कृषि विभाग के उपनिदेशक अरविंद मोहन मिश्रा, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में किसानों को सम्मानित भी किया गया तथा प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया गया। वहीं भोजपुर विधानसभा के स्थानीय विधायक नागेंद्र सिंह राठौर की अनुपस्थिति कार्यक्रम में चर्चा का विषय बनी रही। बताया गया कि वह किसी आवश्यक कार्य से जनपद से बाहर थे।