लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा है कि भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर का जीवन यह साबित करता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद, शिक्षा और अध्ययन से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।
मंत्री रणबीर गंगवा ने यह बात हिसार के गांव बालक के संत शिरोमणि गुरु रविदास भवन में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जिन्हें हम बाबा साहेब के नाम से जानते हैं, उनका जीवन व संघर्ष पुस्तकों और ज्ञान के प्रति समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने न केवल किताबें पढ़ीं, बल्कि ज्ञान के दम पर एक दबे-कुचले समाज को सशक्त बनाया।
उन्होंने उपस्थित युवाओं को पुस्तकों को अपना मित्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बाबा साहब ने भी यह बात कही है कि शिक्षा और ज्ञान ही सामाजिक/आर्थिक परिवर्तन की कुंजी है। इसीलिए शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो। उनका प्रसिद्ध नारा था। उन्होंने गांव बालक में पुस्तकालय की किताबों की उपलब्धता के लिए 5 लाख रुपए की राशि भी देने की घोषणा की। इस अवसर पर बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की सोच के अनुरूप हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना व आयुष्मान भारत जैसी अनेक योजनाओं को लागू किया है जिनका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। हरियाणा सरकार द्वारा “संत महापुरुष विचार प्रसार योजना” चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य संतों, महापुरुषों और महान विभूतियों-जैसे बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है। प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन और कौशल विकास कार्यक्रम तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाडो लक्ष्मी जैसी विशेष योजनाएं चलाई गई है। हरियाणा सरकार “अंत्योदय” के सिद्धांत पर चलते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज का कोई भी वर्ग विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।