मिथिलेश यादव /मेदिनीनगर: पलामू जिला के तरहसी प्रखंड अंतर्गत झोलाछाप डॉक्टरों का अवैध कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, प्रखंड के ग्राम लालगड़ा में डॉ. धनंजय कुमार मेहता जैसे कई कथित चिकित्सक बिना किसी वैध डिग्री और सरकारी अनुमति के धड़ल्ले से क्लीनिक चला रहे हैं। इन तथाकथित डॉक्टरों में प्रशासनिक कार्रवाई का रत्ती भर भी भय नजर नहीं आता, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे है।
जांच के बावजूद बुलंद हैं हौसले
स्थानीय स्तर पर कई बार जांच की खबरें आती हैं, लेकिन धरातल पर ठोस कार्रवाई न होने के कारण इन अवैध क्लीनिकों के संचालकों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लालगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में खुले इन केंद्रों पर न केवल गलत तरीके से इलाज किया जा रहा है, बल्कि जंतर-मंतर और घटिया स्तर की दवाओं के जरिए भोले-भाले लोगों को ठगा जा रहा है।
बड़ी उगाही का खेल: > ग्रामीणों का कहना है कि ये डॉक्टर मामूली बीमारियों में भी मरीजों को गंभीर बताकर डराते हैं और उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। गलत दवा के रिएक्शन से कई बार मरीजों की हालत बिगड़ने की खबरें भी सामने आती रही हैं।
बिना डिग्री के 'इलाज' का जानलेवा जोखिम
सबसे चिंताजनक बात यह है कि लालणड़ा निवासी डॉ. धनंजय कुमार मेहता और उनके जैसे अन्य संचालकों के पास चिकित्सा जगत की कोई मान्यता प्राप्त डिग्री या वैध प्रमाण पत्र नहीं है। इसके बावजूद ये डॉक्टर बनकर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
प्रशासन पर उठते गंभीर सवाल:
आखिर इन झोलाछाप डॉक्टरों को किसका संरक्षण प्राप्त है?
स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित छापेमारी क्यों नहीं करती?
क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या जानमाल के नुकसान का इंतजार कर रहा है?
हादसे के बाद ही जागता है प्रशासन
अक्सर देखा गया है कि जब किसी बच्चे को गलत इंजेक्शन लग जाता है या किसी मरीज की मौत हो जाती है, तब प्रशासन कुछ दिनों के लिए सक्रिय होता है। लेकिन कुछ समय बीतते ही ये दुकानें फिर से सज जाती हैं। स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ग्राम लालगड़ा सहित पूरे तरहसी प्रखंड में चल रहे इन अवैध क्लीनिकों और डॉ. धनंजय कुमार मेहता जैसे संचालकों की जांच कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।