आशीष कुमार मुखर्जी/रफ्तार मीडिया
रामगढ़ : दुलमी प्रखंड मुख्यालय स्थित दुलमी बाजार टांड़ में शनिवार को कांग्रेस प्रखंड कमेटी द्वारा 'मनरेगा जन संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश करमाली की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नई नीतियों के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया और इसे गरीब विरोधी कदम करार दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रकाश करमाली ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह न केवल उनकी विरासत का अपमान है, बल्कि सामाजिक न्याय के उस दर्शन पर भी हमला है जिसकी नींव कांग्रेस ने रखी थी। उन्होंने कहा कि मनरेगा एक अधिकार आधारित योजना थी, जिसे अब सरकार एक 'चैरिटी' की तरह चलाने की कोशिश कर रही है। इससे मजदूरों का कानूनी दावा कमजोर होगा।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र के नए वित्तीय ढांचे पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले केंद्र सरकार मनरेगा के तहत वेतन का पूरा (100%) खर्च वहन करती थी। लेकिन नए नियमों के अनुसार, केंद्र अब केवल 60% राशि देगा, जबकि शेष 40% राज्यों को अपनी जेब से देना होगा।
प्रकाश करमाली ने कहा "झारखंड जैसे सीमित संसाधनों वाले राज्यों के लिए यह नियम एक बड़ा आर्थिक झटका है। केंद्र अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़कर राज्यों को संकट में डाल रहा है।"
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इस बदलाव से मजदूरों को समय पर भुगतान मिलने में परेशानी होगी और काम के अवसरों में कमी आएगी। कांग्रेस पार्टी ने संकल्प लिया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को इन नीतियों के प्रति जागरूक करेंगे और आंदोलन तेज करेंगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मुखलाल महतो, राजेंद्र महतो, कौलेश्वर महतो, खिरोधर महतो, नागेंद्र महली, आशा देवी, कैलाश करमाली सहित भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।