दुमका जिला के टोंगरा थाना क्षेत्र के दतियारपुर मोड़ के पास गुरुवार सुबह हुआ दर्दनाक हादसा इलाके में बेरोकटोक चल रहे अवैध बालू के काले कारोबार का एक और खूनी चेहरा सामने लाया है। एक तेज रफ्तार अवैध बालू लदे ट्रैक्टर के अनियंत्रित होकर खेत में पलट जाने से गोड़माला गांव के एक नाबालिग किशोर, आकाश सिंह की दबकर मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बालू माफिया न सिर्फ प्राकृतिक संपदा को लूट रहे हैं, बल्कि चंद पैसों के लालच में मासूमों की जिंदगी से भी खेल रहे हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बालू से ओवरलोडेड ट्रैक्टर टोंगरा की ओर जा रहा था। दतियारपुर मोड़ के पास चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर सड़क से नीचे खेत में जा गिरा। जैसे ही गाड़ी पलटी, खुद को बचाने के लिए चालक और एक अन्य मजदूर तो कूद गए, लेकिन ट्रॉली में मौजूद नाबालिग आकाश सिंह भारी-भरकम गाड़ी के नीचे ही दब गया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और बीरभूम के सिउड़ी अस्पताल भेजा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका और निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू का परिवहन धड़ल्ले से जारी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बालू माफिया इस काम में कम मजदूरी देने के चक्कर में नाबालिग बच्चों को झोंक रहे हैं। जोखिम भरे इस काम में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होते और कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है।
बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर गोड़माला गांव के काजल मंडल का है। घटना के बाद टोंगरा थाना पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। थाना प्रभारी गुरु चरण मांझी ने बताया कि ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया गया है और लिखित आवेदन मिलते ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अब देखना यह है कि प्रशासन इस हादसे के बाद जागता है या फिर अवैध बालू का यह जानलेवा कारोबार ऐसे ही किसी और मासूम की जान का इंतजार करता रहेगा।