रिश्वत में सेम के बीज (दालमोठ) लेने के आरोप में घिरे थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडे, एसपी ने बैठाई जांच
दीपचंद्र दीक्षित /फर्रुखाबाद। थाना कमालगंज क्षेत्र में युवक के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में गंभीर चोट लगने के बावजूद आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई न होने और थाना प्रभारी पर रिश्वत के रूप में सेम के बीज मांगने के आरोप से विवाद और गहरा गया है। पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।
कादरी गेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला जंगबाज घोड़ा नखास निवासी अनिकेत कुमार के चाचा रवि कुमार के अनुसार 24 फरवरी को अनिकेत अपने ससुराल, थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव शेखपुर खुर्द गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर ससुराल पक्ष के लोगों ने उस पर लाठी-डंडों और सरिया से हमला कर दिया। हमले में अनिकेत गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके दोनों हाथ फ्रैक्चर हो गए और सिर में भी गंभीर चोटें आईं।
परिजनों ने घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल फतेहगढ़ रेफर कर दिया गया।
घटना के संबंध में थाना कमालगंज में मुकदमा संख्या 0051/2026 दर्ज किया गया। हालांकि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मुकदमे में धाराएं नहीं बढ़ाईं और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित के चाचा रवि कुमार ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी अवध नारायण पांडे ने होली के मौके पर उनसे 10 किलो सेम के बीज की मांग की थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह केवल 5 किलो सेम के बीज ही दे सके। उनका दावा है कि वह खुद सेम के बीज लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन इसके बावजूद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिजनों का आरोप है कि अब उल्टा उन्हें ही धमकाया जा रहा है और समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस और आरोपियों के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया है।
मामले की जानकारी मिलने पर फर्रुखाबाद की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने संज्ञान लेते हुए जांच अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार को सौंप दी है। अपर पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
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