हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य में उनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। अबोहर नगर निगम चुनावों में भाजपा की शानदार जीत प्रदेश में आगामी बदलाव की शुरुआत है। अगले विधानसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी , उसके बाद नशा बेचने वाला एक भी व्यक्ति नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री सैनी शनिवार को पंजाब के अबोहर में आयोजित एक विशाल 'ओबीसी महासम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे ।
इस दौरान उनके साथ हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लो, पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में पंजाब की वीर और देशभक्त भूमि को नमन करते हुए यहां के किसानों, व्यापारियों, युवाओं और माताओं के योगदान को सराहा । उन्होंने पंजाब की वर्तमान सरकार द्वारा चलाए गए 'युद्ध-नशों के विरुद्ध' अभियान को पूरी तरह फेल बताया और कहा कि आदमी पार्टी की सरकार सिर्फ खोखले नारों और विज्ञापनों में व्यस्त है।
उन्होंने पंजाब सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम बताते हुए कहा कि महिलाओं को 1,000 रुपए देने की योजना सिर्फ एक राजनीतिक हथकंडा साबित हुई, जिसका अब तक पंजीकरण भी शुरू नहीं हुआ। उन्होंने पंजाब सरकार पर अबोहर के साथ घोर राजनीतिक उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा कि इस नगर निगम को मात्र 5 करोड़ रुपए देकर यहां की जनता का अपमान किया गया है, जबकि इससे ज्यादा फंड तो हरियाणा सरकार ने अपने छोटे से छोटे गांव को दिया है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आप पार्टी को अहसास हो चुका है कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब में उनकी सत्ता नहीं रहेगी इसलिए कुछ लोग दोनों हाथों से पंजाब को लूटने में लगे हुए हैं। उन्होंने आप पार्टी को लुटेरों की टोली बताया और कहा कि इनके मुखिया केजरीवाल का भी ईमानदारी का चोला उतर चुका है।
उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के उस बयान का हवाला दिया जिसमें मान ने पंजाब में 5 साल में 65 हजार नौकरियां देने की बात कही है , इस पर श्री सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 55 हजार नौकरियां तो पिछले एक साल में ही अपने प्रदेश के युवाओं को दे दी हैं। मुख्यमंत्री ने हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि पंजाब के लोगों ने भी अगर विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीतियों में विश्वास जताया तो ये सब योजनाएं पंजाब में भी लागू होंगी। उन्होंने आगे कहा कि यही नहीं इस प्रदेश में किसानों की फसलों को एमएसपी पर खरीद कर , फसल खराबे पर उचित मुआवजा देकर और उद्योगपतियों को उनके उद्योगों के अनुकूल माहौल देकर पंजाब को देश में नंबर वन सूबा बनाएंगे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि जब से देश की बागडोर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हाथों में आई है , तब से सामाजिक न्याय को केवल नारे के रूप में नहीं, बल्कि नीति और नियत दोनों के रूप में लागू किया गया है। प्रधानमंत्री स्वयं ओ.बी.सी. समाज से हैं। उन्होंने हमेशा समाज के वंचित, पिछड़े और गरीब वर्गों को मुख्यधारा में लाने का काम किया है। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने ओबीसी समाज को केवल एक वोट बैंक के रूप में नहीं देखा, उसे नेतृत्व का अवसर देकर सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उनके मंत्रिमंडल में 27 ओ.बी.सी. मंत्री हैं। आज देश के भाजपा शासित 5 राज्यों में ओ.बी.सी. समाज के मुख्यमंत्री हैं। यह पूरे ओ.बी.सी. समाज के गौरव और सम्मान का प्रतीक है।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ओ.बी.सी. आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया, यह एक ऐतिहासिक कदम था, जिसने इस समाज को अधिकारों की नई शक्ति प्रदान की। मेडिकल और उच्च शिक्षा में ओ.बी.सी. वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर शिक्षा के द्वार और अधिक खोले गए। आज देश के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में ओ.बी.सी. वर्ग के युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने ओबीसी समाज से एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने की अपील की और कहा कि आप सब मिलकर पार्टी को पंजाब में मजबूत बनाएं।
हरियाणा के लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने अपने सम्बोधन में कहा कि उन्होंने इस सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में कई गांवों में जाने का अवसर मिला है , युवा नशे के दुष्चक्र में फंसे हुए हैं। माताएं , बहनें अपनी पीड़ा को बयां करती हैं तो उनका दुःख असहनीय दिखाई देता है। जनता सरकार के बदलाव का इन्तजार कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ही पंजाब को इस नशे के दलदल से निकाल सकती है। इस अवसर पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लो, पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़, विधायक संदीप जाखड़ एवं गुरबीर सिंह बराड़ , जिला प्रधान सरदार सुखविंदर सिंह कम्बोज समेत अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।