प्रमोद पाण्डेय/बलरामपुर। जनपद में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग ने भाभर रेंज समेत संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। तेंदुए की मौजूदगी की आशंका के बीच दो विशेष टीमें गठित कर ड्रोन और कैमरा ट्रैप से निगरानी कराई जा रही है।
सोमवार सुबह रेहरा, बेलभरिया, परसरामपुर और पिपरा सडवा गांवों के पास वन विभाग की टीम ने करीब 5 से 6 किलोमीटर पैदल गश्त कर तेंदुए के पगमार्क की तलाश की। ग्राम बनगंवा के निकट तेंदुए के पदचिह्न मिलने की पुष्टि होने के बाद निगरानी और तेज कर दी गई है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कलेक्ट्रेट सभागार से पचपेड़वा, गैसड़ी, हरैया सतघरवा और तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों के साथ वर्चुअल बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने वन एवं राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।
डीएम ने ग्राम प्रधानों को मुनादी कराने, ग्रामीणों को समूह में बाहर निकलने तथा वन क्षेत्र व नदी-नालों के पास अकेले न जाने की सलाह दी। साथ ही पंचायत सचिवों को साफ-सफाई व स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग द्वारा ड्रोन कैमरा, पोस्टर, लाउडस्पीकर व अन्य माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। संवेदनशील गांवों में शाम के समय पटाखे छोड़कर वन्यजीवों को आबादी से दूर रखने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में वन क्षेत्र में प्रवेश न करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत विभाग या पुलिस को सूचना दें।