दिनेश कुमार रजक/मिहिजाम:चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी ने मिहिजाम के लोगों को बेहाल कर दिया है। ऐसे में बिजली के बिना ठंडा पानी देने वाला ‘देशी फ्रिज’ यानी मिट्टी का घड़ा और सुराही फिर से लोगों की पहली पसंद बन गया है। बाजार में इनकी मांग अचानक बढ़ गई है। साथ ही हाथ पंखे की बिक्री भी तेज हो गई है। मिहिजाम के हाट-बाजारों में इन दिनों कुम्हारों की दुकानें मिट्टी के घड़ों और सुराहियों से सजी दिख रही हैं। लोग 100 से 200 रुपये तक में घड़े खरीद रहे हैं। डिजाइनदार सुराही की मांग भी खूब है। कुम्हारों के चेहरे पर भी गर्मी में रौनक लौट आई है। एक स्थानीय कुम्हार ने बताया, गर्मी शुरू होते ही काम बढ़ गया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार बिक्री 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ी है। सुबह से शाम तक ग्राहक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती और बढ़ते बिल से परेशान लोग अब मिट्टी के घड़े को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
सेहत के लिए भी फायदेमंद
मिट्टी के घड़े का पानी सिर्फ ठंडा ही नहीं रहता, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। यह पानी में मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स को बरकरार रखता है और किसी भी हानिकारक केमिकल से मुक्त होता है। मिट्टी के घड़े का पानी गले को तर करता है और लू से बचाता है, जबकि फ्रिज का एकदम ठंडा पानी कई बार नुकसान करता है। डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि गर्मी में घड़े का पानी पीना बेहतर विकल्प है। इससे डिहाइड्रेशन नहीं होता और पाचन भी ठीक रहता है। भीषण गर्मी के बीच मिहिजाम के लोग अब आधुनिक फ्रिज छोड़कर फिर से पुराने देसी तरीकों की ओर लौट रहे हैं। घड़े और सुराही न सिर्फ राहत दे रहे हैं, बल्कि कुम्हारों के घर का चूल्हा भी जला रहे हैं।