स्वारघाट/सुभाष चंदेल — चंगर क्षेत्र में इन दिनों कुश्ती प्रेमियों के लिए किसी महाकुंभ से कम माहौल नहीं है। गांव-गांव और पंचायत-पंचायत में लगातार कुश्ती दंगलों का आयोजन हो रहा है, जहां भारी संख्या में लोग पहुंचकर पारंपरिक अखाड़ों में होने वाले रोमांचक मुकाबलों का आनंद ले रहे हैं।
इन दंगलों में जहां देश और प्रदेश के नामी पहलवान अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दो नन्हे पहलवान राघव और सागर अपनी जोड़ी से सभी का दिल जीत रहे हैं। छोटी उम्र होने के बावजूद दोनों बच्चों का आत्मविश्वास, फुर्ती और कुश्ती का अंदाज देखकर दर्शक हैरान रह जाते हैं।
जैसे ही राघव और सागर अखाड़े में उतरते हैं, तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से पूरा मैदान गूंज उठता है। दंगल देखने पहुंचे लोग नन्हे पहलवानों की कुश्ती को खूब पसंद कर रहे हैं और खुलकर उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं।
हर दंगल में राघव और सागर की कुश्ती अब चर्चा का मुख्य विषय बन चुकी है। लोग न सिर्फ उनकी सराहना कर रहे हैं, बल्कि भविष्य में उन्हें बड़े स्तर का पहलवान बनने की शुभकामनाएं भी दे रहे हैं।
राघव और सागर ने बताया कि वे जम्मू के रहने वाले हैं और उन्हें कुश्ती की शुरुआती शिक्षा उनके पिता स्वयं देते हैं। दोनों का सपना है कि वे आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में नाम रोशन करें और अपने क्षेत्र का गौरव बढ़ाएं।
चंगर क्षेत्र के इन कुश्ती दंगलों में राघव और सागर जैसे नन्हे पहलवानों की भागीदारी ने कुश्ती की परंपरा को नई ऊर्जा और नई पहचान दी है। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभा को मंच दे रहा है, बल्कि युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित भी कर रहा है।