दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।

मांझी परगना सरदार महासभा जिला जामताड़ा की बैठक मंगलवार को प्रखंड सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने की। बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक सह महासभा के संरक्षक सुनील कुमार बास्की, वीर मांझी हरा धन मुर्मू एवं सेवानिवृत्त शिक्षक लेवेन हांसदा मौजूद रहे। बैठक में सरकार की ओर से पेसा कानून के तहत जिले के विभिन्न गांवों में ग्रामसभा के गठन को लेकर जारी प्रक्रिया में कथित विसंगतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। महासभा के सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायती राज पदाधिकारी की ओर से गत 7 जुलाई को जारी पत्र के कुछ प्रावधान मूल पेसा कानून की भावना के विपरीत हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। बैठक में सदस्यों ने कहा कि पेसा कानून में ग्रामसभा के निर्णय के लिए सर्वसम्मति पर जोर दिया गया है, जबकि जारी पत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय की बात सामने आ रही है। वहीं, पत्र में ‘परंपरागत ग्राम प्रधान/ग्राम प्रधान’ का उल्लेख किए जाने पर भी महासभा ने आपत्ति जताई। सदस्यों का कहना है कि पेसा कानून के तहत पारंपरिक व्यवस्था में मांझी को पदेन ग्रामसभा अध्यक्ष की भूमिका दी गई है। इन विसंगतियों को लेकर महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार, 12 अगस्त को जिला पंचायती राज पदाधिकारी से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल की ओर से पत्र में सुधार और पेसा कानून के प्रावधानों के अनुरूप ग्रामसभा गठन की मांग रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर महासभा के प्रतिनिधि उपायुक्त से भी मुलाकात करेंगे। बैठक में महादेव हांसदा, नाजिर सोरेन, लखी सोरेन, सज्जन मुर्मू, संजीत हेम्ब्रम, शिवलाल मुर्मू, ओबी लाल मरांडी, दरोगा मुर्मू, शिवनाथ मुर्मू, डॉक्टर सोरेन, परेश मरांडी सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।