हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (पुरुष/महिला) तथा आशा वर्कर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र के इन अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की समस्याओं, लंबे समय से लंबित मांगों और कार्यस्थल पर आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को विस्तार से सुनना और उनका निराकरण करना था।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक श्री आर. एस ढिल्लो, नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव समेत विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों एवं समस्याओं को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखा। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कर्मचारियों की सभी न्यायोचित मांगों को अत्यंत ध्यानपूर्वक और संवेदनशीलता के साथ सुना।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारियों की जायज मांगों का प्राथमिकता के आधार पर और एक निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और आशा वर्करों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर जनता से जुड़कर स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उन्हें बेहतर कार्य माहौल प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे यूनियन के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई करें और संबंधित फाइलों की प्रक्रिया को गति दें, ताकि समयबद्ध तरीके से सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें।