आशीष कुमार मुखर्जी/वेस्ट बोकारो/मांडू : स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने की मांग को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का विरोध प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। इचाकडीह और लइयो दक्षिणी पंचायत कमेटी के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने सीसीएल झारखंड उत्खनन परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी 'मैसर्स शिव इंटरप्राइजेज' का चक्का तीसरे दिन भी जाम रखा। काम पूरी तरह ठप रहने से कंपनी को लाखों के नुकसान का अनुमान है।
*अनदेखी से बढ़ा आक्रोश*
जानकारी के अनुसार, झामुमो कमेटी ने कुछ दिनों पूर्व आउटसोर्सिंग कंपनी को मांग पत्र सौंपकर स्थानीय ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर नियोजन देने का आग्रह किया था। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने इस मांग पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया, जिसके बाद आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा।
जब तक मांग नहीं, तब तक काम नहीं
मौके पर मौजूद झामुमो प्रखंड अध्यक्ष नरेश हांसदा ने दो टूक कहा, "आउटसोर्सिंग कंपनियां इस माटी का दोहन कर रही हैं, लेकिन यहाँ के मूलवासियों को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। यह अन्याय अब बर्दाश्त नहीं होगा। जब तक हमारी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, परियोजना का कार्य बाधित रहेगा।"
*आंदोलन में ये रहे मौजूद*
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी और कार्यकर्ता डटे रहे:
जेएमएम इचाकडीह पंचायत अध्यक्ष प्रकाश रजवार
,अध्यक्ष, लइयो दक्षिणी पंचायत अध्यक्ष विजय महतो
, जेएमएम प्रखंड उपाध्यक्ष उमेश महतो , भोला मुर्मु, संजय रजवार, अजीत रजवार, बसंत रजवार, शंकर रजवार, गुड्डू रजवार, पारस महतो, विश्वनाथ महतो, चितरंजन महतो, बालचंद महतो, रॉबिन महतो, सुखदेव महतो, आजाद सिंह, सूरज सिंह, अरुण कुमार, प्रिंस सिंह, जानकी कपूर, अजय, बॉबी, सुरेंद्र और सुधीर सहित सैकड़ों ग्रामीण।
प्रशासनिक रुख: कार्य ठप होने की सूचना के बाद कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के बीच वार्ता की सुगबुगाहट है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक समझौता नहीं हो पाया है।