आदित्यपुर नगर निगम चुनाव: ‘भोंपू’ की गूंज में कांग्रेस खामोश, समर्थित प्रत्याशी रमेश बालमुचू ने उठाए सवाल
सरायकेला: सरायकेला जिले की सबसे चर्चित सीट मानी जा रही आदित्यपुर नगर निगम चुनाव में इस बार प्रचार का शोर चरम पर है। सुबह से लेकर देर शाम तक विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थित प्रत्याशियों के वाहन निगम क्षेत्र में घूमते नजर आ रहे हैं और लाउडस्पीकर (भोंपू) के जरिए मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाई जा रही है।हालांकि, इस चुनावी शोरगुल के बीच कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की ओर से अपेक्षित सक्रियता नहीं दिख रही है। निगम क्षेत्र में जहां अन्य दलों के प्रचार वाहन लगातार सक्रिय हैं, वहीं कांग्रेस का प्रचार अभियान अपेक्षाकृत सुस्त नजर आ रहा है।कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रमेश बालमुचू ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि पार्टी ने उन्हें आधिकारिक समर्थन तो दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर संगठन का अपेक्षित सहयोग अब तक नहीं मिला है। उनका कहना है कि न तो जिला अध्यक्ष और न ही नगर अध्यक्ष चुनावी मैदान में सक्रिय रूप से प्रचार करते दिखे हैं।उन्होंने बताया कि नामांकन से पूर्व प्रचार और चुनावी प्रबंधन को लेकर एक कमेटी गठित की गई थी, लेकिन वह कमेटी फिलहाल कागजों तक ही सीमित प्रतीत हो रही है। “हमें लगातार आश्वासन तो मिल रहा है, परंतु प्रचार में वरिष्ठ पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी अब तक नहीं दिखी है,रमेश बालमुचू ने यह भी संकेत दिया कि वे इस मामले से प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराएंगे, ताकि संगठनात्मक स्तर पर स्पष्टता और सक्रियता लाई जा सके।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आदित्यपुर नगर निगम की यह सीट प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई है और यहां संगठनात्मक मजबूती चुनाव परिणाम पर सीधा असर डाल सकती है। ऐसे में कांग्रेस की आंतरिक सक्रियता और समन्वय आने वाले दिनों में चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकता है।फिलहाल, चुनावी ‘भोंपू’ की गूंज के बीच कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं, और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व कब और किस तरह से मैदान में उतरता है।
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