जनपद बिजनौर के किरतपुर  सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में इलाज की बदहाल स्थिति और कथित लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में तैनात डॉक्टर ईश्वरनंद की मौजूदगी में एक वार्ड बॉय शोभित द्वारा मरीज का इलाज किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। यह घटना चिकित्सा नियमों के खिलाफ मानी जा रही है, जिससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर द्वारा मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए कहा जाता है, जबकि ब्लड टेस्ट और अन्य जांच भी निजी लैब में कराने की सलाह दी जाती है, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
लोगों का यह भी कहना है कि अस्पताल में पहले भी कई बार अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इसके अलावा, अस्पताल की साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वित्तीय वर्ष अस्पताल के सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपये का बजट आता है, इसके बावजूद परिसर में गंदगी और घास-फूस की भरमार बनी हुई है।

इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) बिजनौर से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। लोगों का आरोप है कि अस्पताल से जुड़ी शिकायतें कई बार सामने आने के बावजूद जांच के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में रोष का माहौल है। नागरिकों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।