प्रधान पति को झूठे रेप केस में फंसाने की साजिश का खुलासा, महिला वकील समेत चार पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज
जनपद बिजनौर के नांगल थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव पुण्डरी कलां में ग्राम प्रधान पति को फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गांव की ही एक महिला अधिवक्ता और उसके साथियों ने प्रधान पति पर झूठा बलात्कार का आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की थी।
बताया जा रहा है कि महिला अधिवक्ता का पति पहले से ही बलात्कार के एक मामले में जेल में बंद है। इसी को लेकर महिला वकील अपने साथियों के साथ ग्राम प्रधान पति पर मामले में फैसला कराने का दबाव बना रही थी। जब प्रधान पति ने इसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, तो महिला अधिवक्ता और उसके साथियों ने एक नाबालिग युवती से बलात्कार का झूठा आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय में तहरीर दिलवाई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच में यह खुलासा हुआ कि महिला अधिवक्ता और उसके साथी प्रधान पति से 5 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। इसी उद्देश्य से उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई थी।
पुलिस ने इस मामले में महिला अधिवक्ता सोनू मलिक, अंशुल आर्य, सलमान और गुलशन के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पीड़ित का बयान
बाइट – संदीप राठी (पीड़ित):
“मुझ पर झूठा आरोप लगाकर दबाव बनाया गया और पैसे मांगे गए। मैंने किसी भी तरह का गलत काम नहीं किया है। पुलिस की जांच से सच्चाई सामने आ गई।”
पुलिस का पक्ष
बाइट – संग्राम सिंह, सीओ सिटी बिजनौर:
“जांच में यह पाया गया कि प्रधान पति को झूठे मुकदमे में फंसाकर उनसे रंगदारी मांगी जा रही थी। इस संबंध में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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