मोतिहारी, 30 जुलाई। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह ने गुरुवार को समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में नीलाम पत्रवाद (सर्टिफिकेट केस) से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव सहित जिले के सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में आयुक्त ने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रूप से सर्टिफिकेट कोर्ट चलाने तथा प्रत्येक माह कम से कम 50 मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 68 नीलाम पत्र पदाधिकारी कार्यरत हैं, जिनमें जिला स्तर पर 19, अनुमंडल स्तर पर 12 तथा प्रखंड स्तर पर 37 पदाधिकारी शामिल हैं। इस पर आयुक्त ने पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव तत्काल भेजने का निर्देश दिया, ताकि शीघ्र अनुमोदन कर कार्य में तेजी लाई जा सके।
समीक्षा में बताया गया कि जिले में नीलाम पत्रवाद के कुल 64,354 मामले लंबित हैं, जिनमें लगभग 790 करोड़ रुपये की राशि अंतर्निहित है। इनमें 50 लाख रुपये से अधिक राशि वाले 44 तथा 10 से 50 लाख रुपये तक के 199 मामले शामिल हैं।
आयुक्त ने निर्देश दिया कि अपर समाहर्ता एवं जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक कर नोटिस निर्गत करने, तामिला, चेतावनी नोटिस, बॉडी वारंट और कुर्की आदेश की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करें। साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को भी नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि 4,144 नीलाम देनदारों के विरुद्ध वारंट जारी किया जा चुका है। इस पर आयुक्त ने सभी वारंट संबंधित थानों को भेजते हुए अगले 10 दिनों के भीतर गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में होने वाली अगली समीक्षा बैठक में इसकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बैठक में आयुक्त के सचिव संदीप शेखर प्रियदर्शी, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिंहा, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, एडीएम विभागीय जांच मो. सिबगतुल्लाह, सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं डीसीएलआर उपस्थित रहे। वहीं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।