सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों ने क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान तथा रेलवे सुविधाओं के विस्तार को लेकर सांसद जोबा मांझी का ध्यान आकृष्ट किया है। स्थानीय नागरिकों ने एक ज्ञापन सौंपकर कांड्रा जंक्शन पर पूर्व की भांति महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव को पुनः प्रारंभ करने तथा आवागमन से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की है।ज्ञापन में बताया गया है कि कोविड-19 महामारी से पूर्व कांड्रा जंक्शन पर गाड़ी संख्या 18183/18182 टाटा-बक्सर एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का नियमित ठहराव होता था। हालांकि कोविड काल में बंद किए गए इन स्टॉपेजों को अब तक पुनः बहाल नहीं किया गया है। इसके कारण दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए टाटानगर या चांडिल स्टेशन तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।क्षेत्रवासियों ने रेलवे लाइन के दोनों ओर बसे गांवों और बाजार क्षेत्रों के बीच सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए अंडरपास एवं संपर्क मार्गों के निर्माण की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि पर्याप्त आवागमन सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों, किसानों और छोटे वाहन चालकों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि अंडरपास या वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जाता है तो कांड्रा, गम्हरिया तथा आसपास के बाजारों के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।ज्ञापन के माध्यम से सांसद से आग्रह किया गया है कि वे इस मामले को रेल मंत्रालय एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाएं तथा कांड्रा जंक्शन पर ट्रेनों के ठहराव की बहाली और अन्य लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की दिशा में पहल करें। क्षेत्रवासियों का मानना है कि इन मांगों के पूरा होने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. जोगेंद्र महतो, सुभाष तंतुबाई, अश्वनी दास एवं वार्ड सदस्य अशोक कालिंदी सहित अन्य स्थानीय लोग शामिल थे।