ओमप्रकाश तिवारी 
मोतिहारी जिले के सिधवलिया चीनी मिल क्षेत्र अंतर्गत रूलही ग्राम पंचायत में एरिया सुपरवाइजर जितेंद्र कुमार द्वारा विभिन्न किसानों के खेतों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान गन्ना खेती की स्थिति, उत्पादन क्षमता तथा किसानों की समस्याओं का जायजा लिया गया। सर्वेक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रगतिशील किसान नरेंद्र कुमार सिंह, शिव नारायण सिंह, अवनीश सिंह, राम विनय सिंह सहित कई अन्य किसान उपस्थित रहे।
एरिया सुपरवाइजर जितेंद्र कुमार ने किसानों से संवाद करते हुए गन्ना खेती के महत्व, इसकी आर्थिक उपयोगिता तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गन्ना एक ऐसी नकदी फसल है, जो किसानों को अन्य कई फसलों की तुलना में अधिक लाभ और स्थायी आय प्रदान करने की क्षमता रखती है। यदि किसान पूरी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करें तो गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है। समय पर खेत की तैयारी, उन्नत किस्म के बीज का चयन, संतुलित उर्वरक का प्रयोग, नियमित सिंचाई तथा रोग एवं कीट नियंत्रण जैसे उपाय अपनाकर किसान गन्ने की बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जितेंद्र कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि गन्ना खेती केवल एक फसल नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार बन सकती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसान पूरे वर्ष मेहनत कर फसल तैयार करते हैं, उसी प्रकार यदि वे विभागीय निर्देशों का पालन करें और समय-समय पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेते रहें तो उन्हें निश्चित रूप से बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे गन्ने की खेती को अधिक से अधिक क्षेत्र में विस्तार दें और नई तकनीकों को अपनाने में संकोच न करें। उन्होंने बताया कि चीनी मिल एवं गन्ना विभाग किसानों के हित में लगातार कार्य कर रहे हैं तथा समय-समय पर प्रशिक्षण, सर्वेक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि किसानों को खेती से जुड़ी नवीनतम जानकारियां उपलब्ध हो सकें।
सर्वेक्षण के दौरान किसानों ने भी अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा किया। किसानों ने गन्ना खेती से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों, सिंचाई व्यवस्था, उर्वरक उपलब्धता तथा भुगतान संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। एरिया सुपरवाइजर ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को संबंधित विभाग और मिल प्रबंधन तक पहुंचाया जाएगा तथा समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गन्ना खेती में अनुशासन और समयबद्धता का विशेष महत्व है। किसान यदि समय पर सर्वेक्षण, पंजीकरण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करें तो उन्हें विभागीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त होगा। उन्होंने किसानों को अपने-अपने गन्ना क्षेत्र का सही विवरण विभाग को उपलब्ध कराने तथा निर्धारित समय के भीतर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी।
इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए मिल प्रबंधन और विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। किसानों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें नई जानकारियां मिलती हैं और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलती है। किसानों ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागीय सहयोग और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में गन्ना लगाने, फसल की नियमित देखभाल करने तथा विभागीय अधिकारियों के संपर्क में रहकर खेती करने की अपील की गई। उपस्थित किसानों ने भी गन्ना उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। इस सर्वेक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम से किसानों में उत्साह देखने को मिला तथा क्षेत्र में गन्ना खेती के प्रति सकारात्मक माहौल बना