हजारीबाग। सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने शुक्रवार को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं तथा कर्मचारियों की समस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से मुलाकात कर मरीजों को हो रही परेशानियों, अस्पताल में व्याप्त कमियों और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
मुन्ना सिंह ने कहा कि शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारों गरीब, जरूरतमंद और दूर-दराज के मरीजों की उम्मीदों का केंद्र है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मरीजों को समय पर इलाज, दवाइयां, जांच और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि कई समस्याओं का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
मरीजों और परिजनों से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान मुन्ना सिंह ने विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। इस दौरान कई लोगों ने अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार तथा कर्मचारियों की कमी की समस्या उनके समक्ष रखी। मुन्ना सिंह ने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों को संबंधित विभाग और सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।
ट्रॉमा सेंटर में कर्मचारियों की सुनी समस्याएं
इसके बाद मुन्ना सिंह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने वार्ड बॉयों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से मुलाकात की। गौरतलब है कि गुरुवार रात मरीज के परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना के बाद वार्ड बॉय हड़ताल पर चले गए थे, जिससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित होने लगी थीं।
मुन्ना सिंह ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की। इस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों को प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। उनके आश्वासन के बाद वार्ड बॉयों ने हड़ताल समाप्त कर पुनः काम पर लौटने का निर्णय लिया, जिससे अस्पताल की सेवाएं सामान्य हो सकीं।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने उठाया बकाया वेतन का मुद्दा
अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। कर्मचारियों ने बताया कि कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
कर्मचारियों के अनुसार संविदा नर्सों को दो माह, कंप्यूटर ऑपरेटरों को पांच माह, सुरक्षा गार्डों को सात माह तथा वार्ड बॉयों को नौ माह से वेतन अथवा मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि समय पर वेतन नहीं मिलने से परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करना कठिन हो गया है।
लंबित वेतन भुगतान के लिए करेंगे पहल : मुन्ना सिंह
मुन्ना सिंह ने कहा कि अस्पताल में दिन-रात मरीजों की सेवा करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारियों की उपेक्षा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि आउटसोर्सिंग कंपनी, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत कर कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान की दिशा में पहल की जाएगी। साथ ही अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे।
मुन्ना सिंह ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण देना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि अस्पताल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सरकार के समन्वित प्रयासों से जल्द ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार होगा।
उनके दौरे और हस्तक्षेप के बाद अस्पताल कर्मचारियों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला तथा स्वास्थ्य सेवाएं पुनः सामान्य रूप से संचालित होने लगीं।