बेरमो/बोकारो /मिथलेश कुमार :बेरमो अनुमंडल स्थित गोमिया प्रखंड के तलुबलु और ढेंढे इलाकों में चल रहे अवधै लकड़ी तस्करी और आरा मिलों के एक बड़ा नेटवर्क का भांडा फोड़ किया है। 
इस बड़ी कार्रवाई में भारी मात्रा में अवधै लकड़ियां और आरा मशीनें जब्त की गई हैं। कारवाई में बोकारो  पुलिस ने सुरक्षा टीम प्रदान की|   
अवधै कटाई और तस्करी का खलुासा - वन विभाग को गुप्त सत्रूों से लगातार सचूना मिल रही थी कि ऐतिहासिक लगुबुरु पहाड़ के जंगलों से तस्करों द्वारा अवधै रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही है। काटे गए इन पेड़ों की लकड़ियों को तलुबलु और ढेंढे क्षेत्र में संचालित अवधै आरा मिलों में लाया जाता था, जहाँ इन्हें चीरकर फर्नीचर 
का रूप दिया जाता था और फिर चोरी-छिपे बाजारों में बेचा जा रहा था। 
बिना कागजात चल रहा था काला कारोबार- छापेमारी के दौरान जब वन विभाग की टीम ने संचालको और मौके पर मौजदू लोगों से लकड़ियों के परिवहन से सबंधित 'ट्रांजिट परमिट' (Transit Permit) और आरा मिल के 
संचालन के लिए वधै लाइससें की मांग की, तो कोई भी आरोपी आवश्यक कागजात प्रस्ततु करने में विफल रहा।   
जब्ती और कानूनी कार्रवाई - अवधै व्यापार की पष्ष्टि होने के बाद, वन विभाग की टीम ने मौके से निम्नलिखित जब्ती और कार्रवाई की। पांच ट्रैक्टर अवधै लकड़ियां जब्त की गईं। आरा मिल में इस्तमेाल होने वाली मशीनें और लकड़ी चीरने के सभी उपकरण सील कर जब्त कर लिए गए। वहीं मौके से 5 आरोपि यों को हिरासत में लिया गया है। 
इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम (Indian Forest Act) और झारखडं आरा मिल अधिनियम (Jharkhand Sawmill Act) की ससुगंत धाराओ के तहत वन अपराध का मामला दर्ज किया गया है। वहीं हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों को जल्द ही न्यायालय के समक्ष प्रस्ततु किया जाएगा। 
छापेमारी दल का नेतृत्व यह वहृद छापेमारी अभियान बोकारो के वन प्रमडंल पदाधिकारी (DFO) के नेतृत्व में चलाया गया। इस दल में निम्नलिखित अधिकारी और कर्मी शामिल रहे। सलंग्न पदाधिकारी (Attached Officer), बोकारो, वन क्षेत्र पदाधिकारी (RFO), तेनुघाट, गोमिया और चास रेंज (बोकारो वन प्रमडंल) के क्षेत्रीय वन कर्मचारी कुजू और मांडू रेंज (रामगढ़ वन प्रमडंल) के क्षेत्रीय वन कर्मचारी, बोकारो पुलिस की 12 कर्मियों की टीम पारिस्थिति के दृष्टि कोण से अहम कार्रवाई यह छापेमारी वन सरंक्षण और वन्यजीव सुरक्षा की दृष्टि से बेहद 
महत्व पुर्णहै। लुगु बरुु पहाड़ का क्षेत्र हाथियों का प्राकृति क आवास (Elephant Area) माना जाता है। अवधै कटाई के कारण जंगल का तेजी से संरक्षण (degradation) हो रहा था, जिसके परिणामस्वरूप हाथियों के झुण्ड का अपने प्राकृतिक आवास से भटककर रिहायशी इलाकों (Habitation) की ओर जाने का खतरा बढ़ गया था। इस कार्रवाई से न केवल वन सपंदा की रक्षा होगी, बल्कि मानव-हाथी सघंर्ष (Human-Elephant Conflict) को रोकने में भी मदद मिलेगी। 
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनों की अवधै कटाई और वन्यजीवों के आवास को नकुसान पहुंचाने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी और सख्ती से जारी रहेगा।