झारखंड: प्रतिबंधित संगठन के नाम पर पोस्टरबाजी, काम बंद करने और लेवी देने की दी गई धमकी सभी कांटा बंद
रांची/खलारी : झारखंड के कोयलांचल क्षेत्रों में एक बार फिर उग्रवादी गतिविधियों की आहट से दहशत का माहौल है। उत्तरी-दक्षिणी छोटानागपुर सबजोनल कमेटी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के नाम से जारी एक कथित हस्तलिखित और टाइप किए हुए पर्चे ने एनके एरिया और पिपरावार एरिया के लिफ्टरों और कोयला व्यवसायियों में खौफ पैदा कर दिया है।तस्वीर में पर्चे के ऊपर एक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस भी रखे हुए दिखाई दे रहे हैं, जो सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी और 'फौजी कार्रवाई' का संकेत दे रहे हैं।
पर्चे की मुख्य बातें:
संगठन द्वारा जारी इस पत्र में कई गंभीर चेतावनियां दी गई हैं:
• काम बंद करने का फरमान: संगठन ने आदेश दिया है कि चिट्ठी पढ़ते ही सभी लिप्टर अपना काम बंद कर दें।
• लेवी (रंगदारी) की मांग: पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पिछले 4-5 महीनों का बकाया पैसा तीन दिनों के भीतर जमा करें। साथ ही, नए काम के लिए 150 रुपये प्रति टन की दर से लेवी मांगी गई है।
• दोषियों पर कार्रवाई की चेतावनी: संगठन ने 'देवा जी' और 'ऋषिकेश जी' नामक व्यक्तियों का जिक्र करते हुए उन्हें फर्जी बताया है और लोगों को सचेत किया है कि उनके नाम पर पैसे न दें। पत्र में लिखा है कि जो लिप्टर संगठन की बात को नजरअंदाज करेंगे, उन पर 'फौजी कार्रवाई' की जाएगी।
• दिनांक: पर्चे पर 22-02-2026 की तारीख अंकित है और अंत में 'निवेदक' के रूप में सुदर्शन जी का नाम लिखा है।
दहशत में कोयला कारोबारी
इस पोस्टरबाजी के बाद स्थानीय कोयला लिफ्टरों और मजदूरों के बीच भारी डर देखा जा रहा है। उग्रवादी संगठन द्वारा सीधे तौर पर हथियारों के प्रदर्शन के साथ दी गई इस धमकी ने पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।वही इस पर्चे के वायरल होने के बाद रोड सेल से होने वाली कोयला ढुलाई बंद हो गया है।
पुलिस की भूमिका
हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस वायरल तस्वीर और पर्चे का संज्ञान लिया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह वाकई किसी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन का काम है या किसी आपराधिक गिरोह ने लेवी वसूलने के लिए संगठन के नाम का सहारा लिया है।
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