राजधानी नई दिल्ली में आज से तीन दिवसीय भव्य ‘शब्दोत्सव 2026’ का औपचारिक शुभारंभ हो रहा है, जो साहित्य, संस्कृति, विचार और कला का एक विशाल मंच बनकर राजधानी के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करेगा। यह आयोजन 2 से 4 जनवरी 2026 तक मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह से रात तक चलता रहेगा, जहाँ देशभर के विद्वान, लेखक, कवि, कलाकार, विचारक और साहित्य-प्रेमी मिलकर विचारों की गरमा गरम बहस, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कवि सम्मेलनों का आनंद लेंगे। 

‘शब्दोत्सव 2026’ को दिल्ली सरकार, हिंदी अकादमी और सुरुचि प्रकाशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक चेतना को एक साझा मंच पर प्रदर्शित करना, युवा प्रतिभाओं को पहचान देना और भारतीय विचारों को वैश्विक पटल पर उजागर करना बताया गया है। इस महोत्सव को दिल्ली में पहली बार इस स्तर पर साहित्य और संस्कृति का एक बड़ा संगम माना जा रहा है। 

मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन आज दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित किया गया है, जिसमें भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन के बाद विभिन्न सत्रों में साहित्यिक चर्चाएँ, लेखक-पत्रकार संवाद, विचारों की बहस और रचनात्मक विमर्श होंगे। 

कार्यक्रम के तीसरे सत्रों में देश भर के 100 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ता शामिल होंगे, जिनमें लेखक, फिल्म-निर्माता, विचारक, पत्रकार, कानूनी विशेषज्ञ, कलाकार और युवा आइकॉन शामिल हैं। आयोजन में लगभग 40 से अधिक किताबों का विमोचन भी किया जाएगा, जिससे नई और पुरानी पुस्तकों की रचनात्मकता को पाठकों के सामने प्रस्तुत किया जा सके। साथ ही छह सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और दो बड़े कवि सम्मेलन भी आयोजित किए जाएँगे, जो साहित्य और संगीत प्रेमियों को एक साथ जोड़ेंगे। 

इस महोत्सव में सिर्फ बड़े नाम ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं के लिए “Youth Open Mic Stage” जैसे सत्र भी होंगे, जहाँ युवा लेखक, कवि और कलाकार अपनी कला और विचारों को साझा कर सकेंगे। इससे युवा वर्ग को भी अपने विचारों और रचनात्मकता को मंच पर प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा, जिससे वो राष्ट्रीय साहित्यिक संवाद का हिस्सा बन सकें। 

शब्दोत्सव के आयोजन में दिल्ली और एनसीआर के लगभग 40 विश्वविद्यालयों के छात्र भाग ले रहे हैं, जिससे छात्रों और युवाओं को संस्कृति, साहित्य और विचार विमर्श के इस मंच तक पहुंचने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के पारंपरिक खाद्य व्यंजनों से सुसज्जित फूड कोर्ट भी लगाया गया है, जहाँ आगंतुक सांस्कृतिक आनंद के साथ स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। 

विशेष रूप से यह उत्सव न केवल एक साहित्यिक कार्यक्रम है, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान, विचार विमर्श और रचनात्मकता का एक महत्त्वपूर्ण प्रतीक भी माना जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह उत्सव आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति और विचारों का एक प्रतिष्ठित मंच बन सकता है, जहाँ साहित्य और कला के साथ-साथ ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान भी जारी रहेगा। 

यह आयोजन नई दिल्ली के सांस्कृतिक मौसम में नया जोश और ताज़ा ऊर्जा लेकर आया है, जहाँ साहित्य, संस्कृति और विचारधारा के प्रति उत्साही लोग आने वाले तीन दिनों तक साझा रूप से संस्कृति का उत्सव मनाएंगे।