ओम प्रकास तिवारी

मोतिहारी,  पूर्वी चंपारण जिले में इन दिनों सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर), आशा, एएनएम एवं रोगी हितधारक मंच के सदस्यों द्वारा समुदाय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचकर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को स्वच्छता के साथ स्तनपान कराने, शिशु के उचित पोषण तथा स्तनपान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य समाज में स्तनपान को लेकर फैले भ्रम एवं मिथकों को दूर करना तथा माताओं को इसके वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों के प्रति जागरूक करना है।

जिले के डीसीएम नंदन झा ने बताया कि शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने तथा बच्चों को उचित पोषण उपलब्ध कराने के लिए स्तनपान बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध दिया जाना चाहिए। इसके बाद पूरक आहार के साथ कम से कम दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखना बच्चे के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इससे मां और बच्चे को कई प्रकार की बीमारियों से बचाने में मदद मिलती है।

उन्होंने बताया कि सीएचओ के साथ रोगी हितधारक मंच के सदस्यों ने भी जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी की है। इनके द्वारा फाइलेरिया, कालाजार, डेंगू एवं डायरिया के साथ-साथ अब स्तनपान को लेकर भी महिलाओं और समुदाय के बीच जागरूकता फैलाने की पहल की जा रही है।

लालबेगिया के सीएचओ रोहित राज, बंजरिया के सीएचओ अमित कुमार, जितौरा के सीएचओ जितेंद्र कुमार एवं वाटगंज के सीएचओ अमर चौधरी ने बताया कि उनके-अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर 01 से 08 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान स्तनपान से जुड़े मिथकों, उत्तम आदतों एवं पोषण के महत्वपूर्ण मुद्दों पर महिलाओं के साथ विस्तार से चर्चा की जा रही है, ताकि समाज में व्याप्त भ्रांतियां दूर हों और छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध मिल सके।

माताओं के लिए भी पौष्टिक आहार जरूरी

सीएचओ रानी कुमारी चौरसिया ने कहा कि स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। उनके दैनिक आहार में दाल, हरी सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में शामिल होने चाहिए। इससे मां को आवश्यक पोषण एवं लौह तत्व मिलेंगे और उसका सीधा लाभ स्तनपान करने वाले शिशु को भी मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान रोगी हितधारक मंच के सदस्य, सीएचओ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।