दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा 

दुमका लोकसभा क्षेत्र के सांसद सह जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष नलिन सोरेन की अध्यक्षता में शनिवार को जामताड़ा समाहरणालय सभागार में दिशा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, उपायुक्त आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पेयजल, भू-अर्जन, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, खनन, बिजली, ग्रामीण विकास एवं समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि दिशा समिति जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने जिले में बढ़ते पेयजल संकट को गंभीर बताते हुए जलापूर्ति योजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर कर लोगों को राहत देने के निर्देश दिए। भू-अर्जन विभाग की समीक्षा के दौरान विकास परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्याओं को शीघ्र दूर करने तथा रैयतों को समय पर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। वहीं मोंथा चक्रवात से प्रभावित किसानों को फसल क्षति का उचित मुआवजा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बैठक में बजराघाट क्षेत्र में अवैध बालू खनन रोकने, अतिरिक्त पुलिस पिकेट स्थापित करने तथा धनबाद जिला प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई। सड़क, पुल-पुलिया और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में डीडीटी छिड़काव, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा,वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार , उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल, नाला विधायक प्रतिनिधि परेश यादव, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी विजय कुमार, जिला भू अर्जन पदाधिकारी सत्यप्रकाश, जिला पंचायती राज पदाधिकारी पंकज कुमार रवि, जिला आपूर्ति पदाधिकारी कयूम अंसारी, झामुमो नेता प्रदीप मंडल, सगीर खान सहित तकनीकी एवं गैर तकनीकी विभागों के पदाधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण आदि उपस्थित रहे।