मोतिहारी /ओमप्रकाश तिवारी:पताही प्रखंड की परसौनी कपूर पंचायत कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना की शुरुआत को लेकर चर्चा में रही थी। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान इसी पंचायत से सात निश्चय योजना का शुभारंभ हुआ था। लेकिन विडंबना यह है कि आज उसी पंचायत में योजना की स्थिति सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।
पंचायत के वार्ड संख्या-5 में नाला जाम होने के कारण जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़कों और गलियों में जमा गंदा पानी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पंचायत की वर्तमान मुखिया रीता देवी एवं उनके प्रतिनिधि डॉ. ललन साहनी पर भी लोगों ने उदासीनता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
इस संबंध में पूर्व मुखिया अनिल कुमार ने कहा कि वे जनप्रतिनिधि नहीं हैं, न उनके पास कोई प्रशासनिक अधिकार है और न ही संसाधन, फिर भी सामाजिक दायित्व के तहत वे इस मुद्दे को प्रखंड स्तर तक उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की समस्या उनकी प्राथमिकता है और समाधान के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि जिस पंचायत से विकास की बड़ी योजनाओं का आगाज हुआ था, क्या वही पंचायत आज मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर है? ग्रामीण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं