कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और लोक निर्माण व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने रविवार को बरवाला अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने फसल खरीद व उठान व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ साथ व्यापारी व किसानों की समस्याएं भी सुनीं।

इस दौरान किसानों और व्यापारियों ने उनके समक्ष हैफेड कर्मी पर परेशान करने के आरोप लगाए। कृषि मंत्री ने हैफेड कर्मी को सस्पैंड किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आवक और उठान के आंकड़ों की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों को फसल के त्वरित उठान की हिदायतें दी गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। किसानों के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पर उन्होंने कहा कि फसल बिक्री के लिए किसान तीन व्यक्तियों के नाम दर्ज करा सकते हैं, जिनमें से कोई एक व्यक्ति आकर फसल बेच सकता है। वेरिफिकेशन के लिए अंगूठे के अलावा ओटीपी व अन्य विकल्प भी किसान को दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार मार्च महीने में तापमान कम रहने से गेहूं की अच्छी फसल हुई है। प्रति एकड़ फसल पैदावार में इजाफा हुआ है। कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को मंडी व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भावांतर भरपाई योजना, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल, उत्तम पोर्टल, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि योजना तथा ई-खरीद प्रणाली जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल रहा है और पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मंडियों की नई व्यवस्था प्रदेश के किसानों के हित में है। स्थानीय किसानों की फसल प्राथमिकता के आधार पर खरीदने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।