छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला तीन राज्यो के सीमा से लगा हुआ है. जहां ट्रेन सेवा के लिए लंबे समय से जशपुर वासी मांग कर रहे है की धरमजयगढ़ पत्थलगांव से होते हुए लोहरदगा रेल लाइन से जोड़ा जाए. लेकिन अभी तक जशपुर वासियों की वर्षो पुरानी मांग पूरी नही हो सकी. जशपुर में रेल सेवा के लिए सर्वे का काम तो शुरू हुआ है. लेकिन अभी धरातल पर सेवा मिलना किसी सफेद हाथी से कम नहीं है. जब जशपुर के यात्रियों को ट्रेन से सफर करना हो तो रायगढ़ अम्बिकापुर उड़ीसा या झारखंड जाना पड़ता है. जो कि जशपुर से लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर है. ऐसे में जशपुर जिला मुख्यालय में रेलवे टिकट के लिए पोस्ट ऑफिस में काउंटर बनाया गया है. ताकि ट्रेन के यात्रियों को टिकट के लिए लंबी दूरी तय न करना पड़े लेकिन वह भी लगभग 10 दिनों से बंद है. जिसके कारण यहाँ यात्रियों को टिकट के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है. दरअसल रेलवे विभाग और पोस्ट विभाग के मनमाना रवैया का खामियाजा जशपुर वासियों को भुगतना पड़ रहा है. ऑनलाइन ई-टिकट सर्विस सेंटर में मोटी रकम देकर टिकट लेना पड़ रहा है. पोस्ट मास्टर लक्ष्मी प्रधान का कहना है कि 12 जून से फाइबर नेटवर्क लगा तब से टिकट प्रिंटिंग में तकनीकी खराबी आ रही थी जल्द ही रेलवे टिकट सुविधा बहाल हो जाएगी.