संवाददाता रोहित कुमार/बिजनौर

बिजनौर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित पंच सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जी राम जी योजना की मूल भावना फलीभूत हो। कार्यों को नियमानुसार कराएं तथा ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए जाएं। 
जिलाधिकारी ने कहा कि मनरेगा योजना में जनहित में विभिन्न संशोधन करते हुए एक नई योजना की राम जी योजना प्रारम्भ की गई है जिसके अधिक लाभ हैं। उन्होंने बताया कि 01 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) जी राम जी अधिनियम, 2025 लागू हो गया है। मनरेगा का स्थान एक अधिक सशक्त पारदर्शी और विकास उन्मुख प्रणाली प्रणाली ने ले लिया है।
उन्होंने कहा कि योजना अंतर्गत अब 100 से बढा़कर 125 दिन तक मजदूरों को काम दिया जा सकता है। योजना में किए गए प्रावधानों के अनुसार अब बायोमेट्रिक कराई जाएगी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह योजना एक सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम है, जिसमें राज्यों के लिए फंड शेयरिंग पैटर्न 60ः40 है। 
उन्होंने बताया कि पूर्व में शासन की महत्वपूर्ण कार्यों जैसे खेल का मैदान, अन्नपूर्णा भवन आदि की गति को और तेज करते हुए फास्ट्रेक मोड में कार्य कराए जाएं। उन्होंने कहा कि योजना अंतर्गत अधिक से अधिक पात्रों को योजना का लाभ दिया जाए, जो भी कार्य कराये जाए वह नियमानुसार हों। उन्होंने डीसी मनरेगा से कहा कि वह ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराएं ताकि ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधानों व अन्य संबंधित को योजना की बारिकियों की जानकारी हो सके। 
कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त मनरेगा आरबी यादव ने करते हुए बताया कि जी राम जी योजना कामगारों के लिए एक वरदान है। योजना के सफल संचालन के लिए विभिन्न कार्य जनपद स्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम कराया जाएगा। 
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान व खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी आदि मौजूद रहे।