सरकारी अभिलेखों में मृत दर्ज रामा देवी ‘जिंदा’ हुईं, डीएम के निर्देश पर पेंशन बहाल होने का रास्ता साफ
दीपचंद्र दीक्षित/ फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के सख्त निर्देश के बाद सरकारी अभिलेखों में मृत दर्ज की गईं 75 वर्षीय रामा देवी को आखिरकार जीवित मान लिया गया है। इसके साथ ही उनकी निराश्रित विधवा पेंशन दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
ब्लॉक बढ़पुर के ग्राम कीरतपुर निवासी रामा देवी, पत्नी स्वर्गीय प्रेमसागर बाथम, को पूर्व में निराश्रित विधवा पेंशन मिल रही थी। लेकिन तत्कालीन सचिव अंजलि श्रीवास्तव की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सरकारी अभिलेखों में मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि वह जीवित थीं। इस त्रुटि के कारण उनकी पेंशन बंद हो गई थी।
मामले को लेकर रामा देवी आज वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी अशोक कटियार के साथ जिलाधिकारी से मिलीं। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रोबेशन अधिकारी को फोन पर आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद प्रोबेशन अधिकारी ने रामा देवी के जीवित होने की आख्या निदेशक समाज कल्याण को भेज दी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कटियार ने कहा कि पदीय कर्तव्य का सही ढंग से पालन न करने और जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर गरीबों को सरकारी योजनाओं से वंचित करने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
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