मुरादनगर की चामुंडा चौकी ने थाना प्रभारी समेत अधिकारियों से क़रीब 20 घंटे तक छिपाए रखी ई रिक्शा लूट की घटना। बेसुध हालत में मिला पीड़ित
गाज़ियाबाद/मुरादनगर। दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम और मुरादनगर क्षेत्र में एक सनसनीखेज ई-रिक्शा लूट का मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल अपराधियों के बुलंद हौसलों को उजागर किया है, बल्कि स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। उधर पीड़ित के परिजनों ने बताया कि पीड़ित आशाराम ने 5 दिन पहले ही नया ई रिक्शा खरीदा था, दिनांक 27/02/2026 को इंदिरापुरम कोतवाली क्षेत्र में एक अज्ञात बदमाश ने ₹300 में उसका ई-रिक्शा बुक किया और रास्ते में चालक को झांसे में लेकर कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। कोल्डड्रिंक पीते ही आशाराम बेसुध हो गया, जिसके बाद आरोपी उसका ई-रिक्शा लूटकर रफूचक्कर हो गया। जब पीड़ित आसाराम देर शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। ई-रिक्शा में GPS सिस्टम लगा होने के कारण परिजनों को उसकी लोकेशन मुरादनगर क्षेत्र में मिली। परिजनों ने तत्काल मुरादनगर की चामुंडा चौकी पुलिस की मदद से ई-रिक्शा बरामद कर लिया गया, परिजनों की माने तो पुलिस ने मौके से 2 आरोपियों को भी हिरासत में लिया। इस मामले में जब पत्रकारों ने घटना की जानकारी मांगी तो पुलिस ने किसी भी तरह की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। सूत्रों का दावा है कि पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई को अपने उच्चाधिकारियों और थाना प्रभारी से भी छिपाए रखा, जिससे पुलिस की कार्यशैली और मंशा पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। वहीं कल दोपहर दिनांक 28/02/2026 को आशाराम इंदिरापुरम इलाके में ही बेसुध हालत में पड़ा मिला, थोड़ा बहुत होश में आने के बाद उसने परिजनों से संपर्क किया और आपबीती सुनाई। वर्तमान में इंदिरापुरम पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन चामुंडा चौकी पुलिस द्वारा घटना को दबाने की तमाम कोशिशों ने महकमे की नियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्र में चर्चा है कि क्या पुलिस और अपराधियों के बीच कोई 'भीतरी खेल' चल रहा था? हालांकि ख़बर लिखे जाने तक पीड़ित की एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई हैं। अब देखना यह है कि उच्चाधिकारी इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों और आरोपियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
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