दिनबंधु राउत / जामताड़ा।जामताड़ा महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-दो के द्वारा जामताड़ा प्रखंड के ग्राम सुपायडीह में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन मंगलवार को स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन सुपायडीह देवी मंदिर प्रांगण में किया गया, जहां स्वयंसेवकों और सेविकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसर, उसके आसपास के क्षेत्रों तथा गांव की गलियों में घूम-घूमकर सफाई की। एकत्रित कचरे का समुचित निपटान करते हुए उसे जलाया गया तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ वातावरण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। वही इस अवसर पर कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रीति कुमारी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए आंतरिक स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक भी होनी चाहिए। आंतरिक स्वच्छता अच्छी किताबें पढ़ने और सकारात्मक संगति में रहने से प्राप्त होती है। इससे व्यक्ति का मानसिक और नैतिक विकास होता है, जो एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायक है। उन्होंने आगे कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर स्वच्छता के छोटे-छोटे प्रयास करे, तो देश को स्वच्छ बनाने का सपना साकार हो सकता है।स्वच्छता अपनाकर हम न केवल विभिन्न बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण की समस्या को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं। इस अभियान में अर्चना कुमारी, रितु कुमारी, जगन्नाथ मंडल, भवानी कुमारी, मधु कुमारी, सवाना खातून, अरुण कुमार, लक्खिश्वर मुर्मू और वरुण दत्ता सहित कई स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी के सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।