सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया विशेष संवाददाता
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोराबादी मैदान में पहली बार राज्य सरकार द्वारा द्वारा राज्यस्तरीय झारखंड कृषि मेला का आयोजन किया जा रहा है। 16 से 18 जून तक चलने वाले इस तीन दिवसीय मेले को प्रदेश के कृषि विकास के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यह आयोजन किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, उद्यमियों और निवेशकों के बीच संवाद और सहयोग का एक मजबूत मंच बनेगा।
*कृषि मेला का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा किया जाएगा*
राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत उपकरणों और कृषि व्यवसाय के नए अवसरों से जोड़ना है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और रोजगारपरक बनाया जा सके।
*किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीकों की जानकारी- शिल्पी नेहा तिर्की*
कृषि मेला से होने वाले फायदों को लेकर करा कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत वर्ग से आते हैं। ऐसे में उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। कृषि व्यापार मेले में किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन आधारित खेती, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, फसल संरक्षण तकनीक तथा कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन संबंधी नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितताओं के दौर में किसानों को वैज्ञानिक खेती के तौर तरीकों की जानकारी देना बेहद जरूरी है। मेले में किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप खेती की नई तकनीकों और रणनीतियों से भी अवगत कराया जाएगा।
*कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य और बागवानी पर भी फोकस*
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आयोजन केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहेगा। कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि उद्यमिता जैसे क्षेत्रों को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। इससे किसानों को आय के वैकल्पिक स्रोतों की जानकारी मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यवसाय और उद्यमिता से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत मेले में कृषि स्टार्टअप्स, कृषि उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को भी अपने उत्पाद और नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा।
*देशभर के विशेषज्ञ होंगे शामिल*
मेले में देश के विभिन्न राज्यों से कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ, कृषि विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा कृषि क्षेत्र की अग्रणी संस्थाएं भाग लेंगी। इनके माध्यम से किसानों को खेती की नई तकनीकों, अनुसंधान आधारित समाधान और बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पादन की जानकारी दी जाएगी।इसके अलावा विभिन्न कंपनियां और संस्थाएं अपने आधुनिक कृषि उपकरण, मशीनरी और तकनीकी समाधान भी प्रदर्शित करेंगी, जिससे किसानों को नई तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा।
*तकनीकी सत्रों और कार्यशालाओं का होगा आयोजन*
तीन दिवसीय मेले के दौरान कई तकनीकी सत्र, कार्यशालाएं, परिचर्चाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में किसान सीधे कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से बातचीत कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।विशेषज्ञ किसानों को फसल प्रबंधन, बाजार व्यवस्था, कृषि ऋण, कृषि बीमा, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन देंगे। इससे किसानों को उत्पादन के साथ साथ बाजार और मूल्य संवर्धन की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
*निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे*
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड कृषि व्यापार मेला राज्य में कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। कृषि आधारित उद्योगों और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को टिकाऊ बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। यह मेला कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
*किसानों से भागीदारी की अपील*
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राज्य के किसानों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, कृषि स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों से मेले में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन झारखंड की कृषि व्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेगा तथा किसानों के लिए विकास और समृद्धि के नए रास्ते खोलेगा।उन्होंने कहा कि झारखंड कृषि व्यापार मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों को तकनीक, बाजार, निवेश और नवाचार से जोड़ने वाला ऐसा मंच होगा, जो राज्य के कृषि क्षेत्र को नई पहचान देने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।