कानपुर देहात: रसूलाबाद विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में श्रमिक भारती संस्था द्वारा संचालित वयस्क प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों पर गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों, शिक्षार्थियों कसमडा, बिरुहून, बैरगरा मे वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।
'पहले हर घर के बाहर थे पेड़, अब सिर्फ मकान'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रमिक भारती की प्रोजेक्ट मैनेजर साधना घोष ने पेड़ों की घटती संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "हम पर्यावरण को भूलते जा रहे हैं। एक समय था जब घर से निकलते ही चारों ओर हरियाली और पेड़ दिखते थे। लेकिन शहरीकरण और मकानों के निर्माण के कारण अब पेड़ लगातार कम हो रहे हैं।" उन्होंने सभी से अपील की कि हर व्यक्ति अपने जीवनकाल में अधिक से अधिक वृक्ष लगाए और उनकी देखभाल करे।
साधना घोष ने मौसम में हो रहे अप्रत्याशित बदलावों को पर्यावरण असंतुलन से जोड़ा। उन्होंने कहा, "गर्मी का बढ़ना, बेमौसम बारिश और सर्दी में कमी का एकमात्र कारण पर्यावरण का बिगड़ना है। यदि हम आज पौधे लगाकर उन्हें वृक्ष बनाएंगे, तभी आने वाले समय में मौसम में सुधार आ सकेगा।"
एसी पर निर्भरता घटाएंगे पेड़: डॉ. मारूफ खान
दृष्टि केंद्र के डायरेक्टर डॉ. मारूफ खान ने आधुनिक जीवनशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "वर्तमान में शहर से लेकर गांव तक एयर कंडीशनर यानी एसी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है। इसके कारण लोग नई-नई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं और उनकी प्राकृतिक जीवन ऊर्जा भी कम हो रही है।" डॉ. खान ने जोर देकर कहा कि एसी पर निर्भरता कम करने का सबसे सरल और प्राकृतिक उपाय अधिक से अधिक पेड़ लगाना है, क्योंकि पेड़ प्राकृतिक रूप से तापमान को नियंत्रित करते हैं।
शिक्षक और शिक्षार्थियों ने लगाए नारे, लिया संकल्प
पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों पर पढ़ने वाले वयस्क शिक्षार्थियों के साथ-साथ बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों ने 'पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ' और 'हरा भरा हो देश हमारा' जैसे नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक-एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर फील्ड सुपरवाइजर रोहित पांडे, फराज खान, डाटा ऑपरेटर उत्कर्ष खरे, आरसी दुर्गेश समेत कई शिक्षार्थी और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी केंद्रों पर नीम, कांजी , आम, नींबू और अमरूद के पौधे रोपे गए।