सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया

रांची:झारखंड लोक सेवा आयोग  की 14वीं पीटी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। पिछले  14 दिनों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन और सत्याग्रह कर रहे हैं। छात्रों के आंदोलन को विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को आंदोलन में कॉक्रोच जनता पार्टी  की भी दस्तक हो गई है ।सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रांची पहुंचा और जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों और आंदोलन की स्थिति की जानकारी ली।

मंच के नीचे से युवाओं के साथ खड़े होकर इस लड़ाई को मजबूत किया जाएगा- सीजेपी

सीजेपी की ओर से कोर कमिटी सदस्य मुकेश आलराउंडर ने कहा कि पार्टी रांची पहुंचकर युवाओं की लड़ाई में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर 37 दिनों तक चले आंदोलन से सीजेपी ने काफी कुछ सीखा है। उस आंदोलन के दौरान सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखने तथा लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने का अनुभव मिला, जिसे अब झारखंड के छात्रों के साथ साझा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “यहां मंच से भाषण देने के बजाय मंच के नीचे से युवाओं के साथ खड़े होकर इस लड़ाई को मजबूत किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि सीजेपी छात्रों की मांगों को समझने के साथ-साथ आंदोलन को लेकर अपने अनुभव भी उनके साथ साझा करेगी।

‘दिन गिनने की नहीं, मांग पूरी होने तक संघर्ष की जरूरत’
मुकेश आलराउंडर ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और पेपर लीक की समस्या सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है। कई राज्यों में युवा इस तरह की समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने अपने राजस्थान से होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में अब दिन गिनने के बजाय जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखना होगा.उन्होंने बताया कि सीजेपी की 10 अगस्त को एक बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन उसे रद्द कर प्रतिनिधिमंडल सड़क मार्ग से रांची पहुंचा। उन्होंने कहा कि संगठन पहले दिन से ही इस आंदोलन पर नजर बनाए हुए है और अब प्रत्यक्ष रूप से छात्रों के बीच पहुंचकर उनका समर्थन कर रहा है।

अभिजीत दीपके के निर्देश पर सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा रांची

मुकेश ने कहा कि आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके ने भी झारखंड के आंदोलनरत छात्रों से बातचीत की है। उनके निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंचा है, ताकि छात्रों की वास्तविक मांगों को समझा जा सके और जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान प्राप्त अनुभवों को उनके साथ साझा किया जा सके।

‘सीजेपी का उद्देश्य राजनीति नहीं, युवाओं के अधिकार की लड़ाई’

सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ना नहीं है। मुकेश आलराउंडर ने कहा कि सीजेपी का किसी राजनीतिक दल से सीधा संबंध नहीं है और संगठन युवाओं के हक और अधिकार के लिए संघर्ष करने को अपना उद्देश्य मानता है।उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं की मांगों को समझना और उनके साथ खड़ा होना जरूरी है। यदि भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं के मन में सवाल हैं तो सरकार और संबंधित आयोग को उन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

‘ट्रांसपेरेंसी, अकाउंटेबिलिटी और रिफॉर्म की लड़ाई’

सीजेपी के राम झाकाड़ ने कहा कि संगठन की लड़ाई किसी खास राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई ट्रांसपेरेंसी, अकाउंटेबिलिटी और रिफॉर्म यानी पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवस्था में सुधार की लड़ाई है।उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें अभ्यर्थियों का भरोसा बना रहे। युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

छात्रों से संवाद और समर्थन का भरोसा

स्टेडियम में सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत छात्रों से उनकी मांगों, आंदोलन की अब तक की स्थिति और सरकार के साथ हुई बातचीत के संबंध में जानकारी ली। सीजेपी के सक्रिय सदस्य अयाज चौहान ने बताया कि देशभर में  पेपर लीक की समस्या के कारण युवाओं का भविष्य खतरे में आ चुका है इसलिए सीजेपी का उद्देश्य है कि राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं के मांगो की लड़ाई लड़ी जाएगी जहां भी अनियमितता होगी सीजेपी संघर्ष करेगा प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को समझकर आगे की रणनीति और संघर्ष में संगठन अपनी भूमिका निभाएगा।